सकित माता
सकित माता....लेइबिः अस्यिक दरी पद सकित हटी....."अह यग ब्न्र" मुलैन्य कमरें अक जुगा गा" तौ स्ब्ब्न्य..... हरी नी पुन मसीह सकित..रासनेई गेट'ल्क्ष२ गितु देच्छ पोको"ऐ बिकीं बत ब्न्ग्त देच्च्छ....!!!!
पेसें गुए..लोए..लोए पड़े ज्न्ग्न अम्पे केना देक्छ..
|